Wednesday, 18 Feb, 2026 04:11:33 AM

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद

Indian Council of Forestry Research and Education

भावाअशिप - वर्षावन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट    https://rfri.icfre.gov.in

परिचय (Introduction):

रेन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (RFRI), जोरहाट, असम, भारतीय वन अनुसंधान और शिक्षा परिषद (ICFRE), देहरादून के अधीन एक घटक संस्थान है।

संस्थान की स्थापना 1988 में देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र की वनों से संबंधित अनुसंधान एवं विस्तार आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हुई थी। यह संस्थान वन अनुसंधान के सभी विषयों को समाहित करता है। हाल ही में, इस संस्थान के तहत मिजोरम के ऐजवाल में बांस और रतन के लिए एक उन्नत अनुसंधान केंद्र (ARCBAR) स्थापित किया गया है।

संस्थान का उद्देश्य (Mandate):

1. वन संसाधनों के वैज्ञानिक और सतत प्रबंधन के लिए वन अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार को बढ़ावा देना।

2. केंद्रीय और राज्य सरकारों को वैज्ञानिक सलाह देना ताकि राष्ट्रीय और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के निर्णयों में सहायक हो और वन अनुसंधान की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

3. प्राकृतिक और कृत्रिम वनों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए वन प्रबंधन और सिल्विकल तकनीकों के विकास पर अनुसंधान और विस्तार करना, विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र में।

4. राज्यों, वन निर्भर समुदायों, वन आधारित उद्योगों, वृक्ष और NTFP उत्पादकों तथा अन्य हितधारकों को तकनीकी सहायता और सामग्री प्रदान करना ताकि वे अपने वन कार्यक्रमों में संरक्षण और सतत उपयोग सुनिश्चित कर सकें।

5. पूर्वोत्तर क्षेत्र में कृषि भूमि/प्लांटेशन के लिए नई किस्में विकसित करने और उत्पादकता बढ़ाने हेतु प्रजनन, जैव प्रौद्योगिकी और वन प्रबंधन के माध्यम से अनुसंधान करना।

6. जैव विविधता का मूल्यांकन, दस्तावेजीकरण, संरक्षण और सतत उपयोग हेतु लक्षित अनुसंधान करना, जो ग्रामीण आजीविका और क्षेत्रीय संरक्षण रणनीतियों के विकास में सहायक हो, साथ ही जलवायु परिवर्तन की अनुकूलन और शमन रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करना।

7. बांस और रतन संसाधनों के संरक्षण, सतत उपयोग और उत्पादकता बढ़ाने के लिए अनुसंधान करना।

8. पूर्वोत्तर क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने हेतु वन क्षेत्र में शमन और अनुकूलन रणनीतियों पर अनुसंधान करना।

9. वनों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर अनुसंधान और ज्ञान प्रबंधन करना, जैसे कि वन मृदा, आक्रामक प्रजातियाँ, वन आग, कीट और रोग, वन जलविज्ञान, वन मूल्यांकन, पारंपरिक पारिस्थितिकी ज्ञान, वन उत्पाद आदि।

10. प्रौद्योगिकियों का विकास, विस्तार और उपयोगकर्ताओं तक वितरण करना, नवाचारपूर्ण विस्तार रणनीतियों और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से।

11. परिषद के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक, अनिवार्य और सहायक सभी गतिविधियों को अंजाम देना।

मुख्य अनुसंधान क्षेत्र (Core Research Areas):

1- परंपरागत खेती (Shifting Cultivation) का प्रबंधन

2- कृषि भूमि पर औषधीय और सुगंधित पौधों, बांस और रतन की खेती के लिए मॉडल विकसित करना

3- जैव विविधता का संरक्षण और उपयोग

4- कृषि वानिकी / सामाजिक वानिकी मॉडल का विकास

5- परंपरागत खेती का प्रभाव अध्ययन

6- महत्वपूर्ण प्रजातियों की टिशू कल्चर

7- मृदा और जल संरक्षण

8- परीक्षणित प्रौद्योगिकियों का विस्तार और प्रभाव मूल्यांकन

9- आर्थिक और बाज़ार अध्ययन संबंधी जानकारी

10- गैर-लकड़ी वन उत्पादों (NTFPs) का मूल्य संवर्धन

11- महत्वपूर्ण प्रजातियों का प्राकृतिक पुनर्जीवन

12- प्राकृतिक वनों का प्रबंधन

13- बायोडीज़ल – वैकल्पिक ईंधन प्रजातियों का विकास

14- महत्वपूर्ण प्रजातियों की नर्सरी तकनीकें

15- कार्बन क्रेडिट (Carbon Credit)

भौगोलिक क्षेत्राधिकार (Geographical Jurisdiction):

रेन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (RFRI) असम के जोरहाट जिले में स्थित है, जो भारत के पूर्वोत्तर भाग में आता है। संस्थान की स्थापना पूर्वोत्तर राज्यों सहित सिक्किम के वन अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार से संबंधित मुद्दों का समाधान करने के लिए की गई थी।

RFRI Map

मुख्य उपलब्धियाँ (Key Achievements): (विस्तृत विवरण देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें)

1 - अनुसंधान

2 - शिक्षा

अंतिम बार समीक्षा और अद्यतन की तिथि: 10 Dec 2020

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