Wednesday, 18 Feb, 2026 04:11:38 AM

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद

Indian Council of Forestry Research and Education

भावाअशिप - लकड़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान, बेंगलुरु    https://iwst.icfre.gov.in

परिचय:

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) के अंतर्गत स्थापित संस्थानों में से एक, काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (Institute of Wood Science & Technology – IWST), बेंगलुरु की स्थापना वर्ष 1988 में की गई। इससे पूर्व, तत्कालीन मैसूर सरकार द्वारा वर्ष 1938 में बेंगलुरु में वन अनुसंधान प्रयोगशाला (Forest Research Laboratory – FRL) की स्थापना की गई थी। प्रारंभिक वर्षों में विभिन्न काष्ठ प्रजातियों के गुण एवं उपयोग, आवश्यक तेल, अन्य गैर-काष्ठ वन उत्पादों तथा लकड़ी एवं वृक्षों को कीट एवं रोगों से संरक्षण से संबंधित कार्य किए गए। वर्ष 1956 में इस प्रयोगशाला को देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान एवं महाविद्यालयों के एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में संगठित किया गया। वर्ष 1977 में चंदन की आनुवंशिकी, वानिकी (सिल्वीकल्चर) एवं प्रबंधन के विविध पहलुओं पर अनुसंधान करने हेतु चंदन अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई।

दायित्व (Mandate):

1.   वन संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत प्रबंधन की दिशा में वानिकी अनुसंधान, शिक्षा एवं विस्तार गतिविधियों को करना एवं प्रोत्साहित करना।

2.   राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय महत्व के विषयों तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं से संबंधित मामलों में सूचित निर्णय लेने हेतु केंद्रीय एवं राज्य सरकारों को वैज्ञानिक परामर्श प्रदान करना तथा वानिकी अनुसंधान आवश्यकताओं को संबोधित करना।

3.   वानिकी, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन से संबंधित ज्ञान का भंडार (Repository) के रूप में कार्य करना, विशेष रूप से काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में।

4.   वन संसाधनों के संरक्षण एवं सतत उपयोग हेतु राज्यों, वन-आश्रित समुदायों, वन आधारित उद्योगों, वृक्ष एवं गैर-काष्ठ वन उत्पाद (NTFP) उत्पादकों तथा अन्य हितधारकों को उनके वानिकी आधारित कार्यक्रमों में तकनीकी एवं भौतिक सहायता प्रदान करना।

5.   काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सभी पहलुओं पर राष्ट्रीय उद्देश्य के अंतर्गत अनुसंधान करना, जैसे काष्ठ के भौतिक एवं यांत्रिक गुण, लकड़ी की पहचान, काष्ठ सुखाना एवं संरक्षण, काष्ठ सम्मिश्र (वुड कंपोज़िट), बाँस प्रसंस्करण एवं उपयोग।

6.   प्राकृतिक एवं रोपित वनों में संरक्षण तथा उच्च उत्पादकता हेतु प्रजातियों के प्रबंधन एवं वानिकी (सिल्वीकल्चर) पर अनुसंधान करना।

7.   लकड़ी एवं बाँस के उपयोग से संबंधित विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के विकास हेतु वन संसाधनों के सतत उपयोग पर अनुसंधान करना।

8.   वन पारिस्थितिकी तंत्र में कीट एवं रोग प्रबंधन पर अनुसंधान करना।

9.   नवाचारी विस्तार रणनीतियों एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से उपयुक्त प्रौद्योगिकियों का विकास, विस्तार, प्रसार एवं अंतिम उपयोगकर्ताओं के साथ साझा करना।

10.  उन्नत काष्ठ कार्य (Advanced Wood Working) में शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान करना।

11.  परिषद के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु आवश्यक, सहायक एवं अनुकूल सभी गतिविधियाँ करना।

मुख्य अनुसंधान क्षेत्र:

1- काष्ठ शरीर रचना एवं गुण

2- काष्ठ प्रसंस्करण एवं काष्ठ सम्मिश्र सामग्री हेतु प्रौद्योगिकियों का विकास

3- वृक्ष सुधार एवं प्रवर्धन – कृषि वानिकी एवं वानिकी (सिल्वीकल्चर)

4- वन एवं काष्ठ संरक्षण

5- काष्ठ रसायन एवं जैव-ऊर्जा

भौगोलिक अधिकार क्षेत्र:

कर्नाटक एवं गोवा

मुख्य सफलतायें: (विवरण देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें)

1-   अनुसंधान

2-   शिक्षा

3 - विस्तार कार्य

अंतिम बार समीक्षा और अद्यतन की तिथि: 12 Mar 2019

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