Wednesday, 18 Feb, 2026 04:11:39 AM

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद

Indian Council of Forestry Research and Education

भावाअशिप - इको-पुनर्वास केंद्र प्रयागराज     https://frcer.icfre.gov.in

परिचय:

वन पारिस्थितिकी पुनर्वास हेतु वन अनुसंधान केंद्र (Forest Research Centre for Eco-Rehabilitation – FRC-ER), इलाहाबाद की स्थापना अक्टूबर 1992 में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE), देहरादून के अंतर्गत एक उन्नत केंद्र के रूप में की गई थी। वर्तमान में यह देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (FRI) का एक केंद्र है। इस केंद्र का उद्देश्य उत्तर प्रदेश राज्य में सामाजिक वानिकी एवं पारिस्थितिकी पुनर्वास के क्षेत्र में व्यावसायिक उत्कृष्टता को पोषित एवं विकसित करना है।

दायित्व (Mandate):

1- क्षतिग्रस्त पारिस्थितिकी तंत्रों तथा कठिन/तनावग्रस्त स्थलों के पुनर्वास एवं कृषि-वानिकी (एग्रो-फॉरेस्ट्री) के संवर्धन पर केंद्रित अनुसंधान करना।

2- वन संसाधनों के संरक्षण एवं सतत उपयोग हेतु उपलब्ध प्रौद्योगिकियों/प्रक्रियाओं/उपकरणों का उपयोगकर्ता समूहों तक प्रसार करना।

3- अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत अनुसंधान, शिक्षा एवं विस्तार गतिविधियों में प्रमुख संस्थान को सहयोग प्रदान करना।

मुख्य अनुसंधान क्षेत्र:

यह केंद्र पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामाजिक वानिकी एवं पारिस्थितिकी पुनर्वास के क्षेत्र में व्यावसायिक उत्कृष्टता को पोषित एवं विकसित करने का लक्ष्य रखता है।

प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्र:

1- तनावग्रस्त स्थलों के वनीकरण हेतु उपयुक्त तकनीकी पैकेजों का विकास।

2- उत्पादकता में वृद्धि एवं स्थायित्व सुनिश्चित करने हेतु स्थल-विशिष्ट सामाजिक, कृषि एवं कृषि-वानिकी मॉडलों का विकास एवं प्रदर्शन।

3- स्वदेशी वृक्ष एवं औषधीय पादप प्रजातियों के बीज, नर्सरी एवं रोपण तकनीकों का मानकीकरण।

4- प्राथमिकता वाली वृक्ष प्रजातियों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने हेतु बीज स्टैंड/बीज उत्पादन क्षेत्रों की पहचान, चयन, सीमांकन एवं प्रबंधन।

5- व्यावसायिक एवं क्षेत्रीय महत्व की प्रजातियों हेतु वृद्धि एवं उपज (Growth & Yield) मॉडलों का विकास।

6- विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में कृषि-वानिकी के लिए संभावनाशील वृक्ष प्रजातियों के उपयुक्त प्रजाति/क्लोन/प्रोवेनेंस का आकलन।

7- पूर्वी उत्तर प्रदेश के कृषि-जलवायु क्षेत्रों में लवण-प्रभावित भूमि के पुनर्वास हेतु स्वदेशी वृक्ष प्रजातियों का मूल्यांकन।

8- अनुसंधान परिणामों को उपयोगकर्ता-अनुकूल रूप में अंतिम उपयोगकर्ताओं जैसे एनजीओ, किसान, वन अधिकारी, शिक्षाविद आदि तक पहुँचाने हेतु अनुसंधान-विस्तार संबंधों का विकास एवं सुदृढ़ीकरण।

9- क्षेत्र की दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं विलुप्तप्राय प्रजातियों का संसाधन सर्वेक्षण एवं संरक्षण।

10- आजीविका सृजन एवं समुदायों को लाभ पहुँचाने हेतु अनुसंधान निष्कर्षों की पहुँच का विस्तार।

प्रमुख उपलब्धियां: (विवरण देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें)

1-   अनुसंधान

पता-

प्रमुख

वन पारिस्थितिकी पुनर्वास हेतु वन अनुसंधान केंद्र, इलाहाबाद

3/1, लाजपत राय रोड, न्यू कटरा, इलाहाबाद-211002

फोन- 0532-2440796

ईमेल- dir_csfer@icfre.org

अंतिम बार समीक्षा और अद्यतन की तिथि: 04 Dec 2019

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