संकल्पना / मिशन / उद्देश्य
संकल्पना
राष्ट्रीय वानिकी कार्रवाई कार्यक्रम औऱ राष्ट्रीय वानिकी अनुसंधान योजना के परिचालनीयकरण के जरिए वन आच्छादन में वृद्धि करना तथा वन उत्पादकता बढ़ाना।
लक्ष्य
अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार द्वारा सतत आधार पर वनों से संबंधित समस्याओं को निपटाने और लोगों, वनों औऱ पर्यावरण के बीच पारस्परिक क्रिया से उत्पन्न होने वाले संयोजनों को प्रोन्नत करने के लिए जानकारी प्रौद्योगिकियों एवं समाधानों को सृजित, परिरक्षित, प्रसारित एवं उन्नत करना।
उद्देश्य
i. देश में वन संसाधनों के वैज्ञानिक और टिकाऊ प्रबंधन की दिशा में वानिकी अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार को संचालित करना, सहायता प्रदान करना, बढ़ावा देना और समन्वय करना
ii. परिषद में वानिकी अनुसंधान कार्यक्रमों को सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति और जलवायु परिवर्तन से निपटने सहित राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ संरेखित करना।
iii.केंद्र और राज्य सरकारों को वैज्ञानिक सलाह और नीतिगत सहायता प्रदान करना, ताकि राष्ट्रीय महत्व के वानिकी मामलों और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं में सूचित निर्णय लेने में सहायता मिल सके।
iv. वन विज्ञान, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से संबंधित वैज्ञानिक ज्ञान के भंडार के रूप में कार्य करना और ऐसे ज्ञान को विभिन्न हितधारकों तक पहुंचाना।
v.राज्यों, वन आधारित उद्योगों, वृक्ष उत्पादकों, किसानों और अन्य लोगों को वन संरक्षण, वृक्षारोपण, कृषि-वानिकी और संबद्ध गतिविधियों के लिए तकनीकी सहायता और समर्थन प्रदान करना।
vi. सतत संसाधन उपयोग, आजीविका और आर्थिक विकास के लिए उपयुक्त वन आधारित प्रौद्योगिकियों, प्रक्रियाओं और उत्पादों का विकास करना।
vii. वन पर निर्भर समुदायों को वैज्ञानिक ज्ञान और उपयुक्त वन-आधारित प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण के माध्यम से आजीविका सहायता प्रदान करना।
viii. वन क्षेत्र के लिए तकनीकी रूप से योग्य मानव संसाधन विकसित करना।
ix. देश में वानिकी शिक्षा को बढ़ावा देना और विश्वविद्यालयों को तकनीकी और वित्तीय सहायता के माध्यम से गुणवत्ता में सुधार करने में सहायता प्रदान करना, जिसमें एकसमान पाठ्यक्रम का विकास भी शामिल है।
x. पर्यावरण और वन क्षेत्र में परामर्श और क्षमता निर्माण सेवाएं प्रदान करना।
xi. वानिकी और संबद्ध विज्ञानों के लिए राष्ट्रीय वन पुस्तकालय और सूचना केंद्र का विकास और रखरखाव करना।
xii. पर्यावरण और वन विस्तार कार्यक्रमों को विकसित करना और जनसंचार माध्यमों और दृश्य-श्रव्यों के माध्यम से उनका प्रचार करना।
xiii. अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और संधियों के तकनीकी पहलुओं पर सरकार को सहायता और सलाह देना।
xiv. उपर्युक्त उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सहायक और अनुकूल अन्य गतिविधियों का संचालन करना, जिन्हें परिषद आवश्यक समझे।
अंतिम बार समीक्षा और अद्यतन की तिथि: 10 Dec 2020
