Wednesday, 18 Feb, 2026 04:10:27 AM

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद

Indian Council of Forestry Research and Education

भावाअशिप - आजीविका विस्तार केंद्र, अगरतला    

परिचय:

यह केंद्र जुलाई, 2012 में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE), देहरादून (जो भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय है) के अधीन क्षेत्रीय वन अनुसंधान संस्थान (RFRI), जोरहाट की एक इकाई के रूप में अस्तित्व में आया। यह ICFRE के अंतर्गत देश के विभिन्न भागों में कार्यरत 9 संस्थानों एवं 5 केंद्रों में नवीनतम है। यह उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में RFRI, जोरहाट के अंतर्गत स्थापित दो केंद्रों में से एक है, जबकि दूसरा केंद्र ARCBR, आइजोल है।

दायित्व (Mandate):

1- वन-आधारित आजीविका के क्षेत्र में वन-निर्भर समुदायों की क्षमता निर्माण।

2- वन संसाधनों के संरक्षण एवं सतत उपयोग हेतु उपलब्ध प्रौद्योगिकियों/प्रक्रियाओं/उपकरणों का उपयोगकर्ता समूहों तक प्रसार।

3- अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत अनुसंधान, शिक्षा एवं विस्तार गतिविधियों में प्रमुख संस्थान को सहयोग प्रदान करना।

मुख्य अनुसंधान क्षेत्र:

1- वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) तकनीकों के अनुप्रयोग द्वारा सतत आजीविका के वैकल्पिक साधन।

2- बांस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास, जिसमें प्रवर्धन, संरक्षण तथा मूल्य संवर्धन शामिल है।

3- उत्पादकता वृद्धि हेतु ऑन-फार्म सहभागी अनुसंधान।

4- कौशल प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शन का प्रभाव मूल्यांकन।

5- जैव विविधता संरक्षण।

भौगोलिक अधिकार क्षेत्र:

सिक्किम सहित उत्तर-पूर्वी राज्य (भारत)

प्रमुख उपलब्धियां: (विवरण देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें)

1-   अनुसंधान

2-   विस्तार

पता-

प्रमुख

वन आजीविका विस्तार हेतु वन अनुसंधान केंद्र, अगरतला

अगरतला शाल बागान वन परिसर, गांधीग्राम, अगरतला, त्रिपुरा - 799012

फोन - +91-3812397097

ईमेल - head_frcle@icfre.org

अंतिम बार समीक्षा और अद्यतन की तिथि: 20 Jun 2023

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